श्री कृष्ण ने रुक्मणी का हरण कर विवाह किया | Krishna Ne Rukmani Ka Haran Kar Vivah Kiya

श्री कृष्ण ने रुक्मणी का हरण कर विवाह किया : ये प्रश्न हमारे धार्मिक इतिहास में हमेशा एक पहेली बने हुए हैं। श्रीमती राधा हिंदू धर्म में एक रहस्यमय चरित्र है। जबकि कृष्ण राधा से प्रेम करता था तो रुक्मणी जी से विवाह क्यों किया। इसलिए इस लेख “श्री कृष्ण ने रुक्मणी से विवाह क्यों किया” को पूरा पढ़े।

दरअसल, बिधरभा के राजा भीष्मक थे और उनकी एक बेटी थी, जो की रुक्मणी है।  रुक्मणी के इलाबा 5 शक्तिशाली पुत्रों भी थे, जैसे रुक्मी और इत्यादि।

रुक्मिणी जी के इच्छा के विरुद्ध विवाह के लिए मजबूर करना

रुक्मिणी को शिशुपाल से उसकी इच्छा के बिना शादी करने के लिए उनके भाई रुक्मी द्वारा मजबूर किया गया था। रुक्मिणी के भाई ने उसकी इच्छा भी नहीं पूछी की वह किससे शादी करना चाहती है। उस समय, एक राजकुमारी के लिए एक स्वयंवर आयोजित किया जाता था ताकि वे अपना जीवन बिताने वाला संगी खुद चुन सकें। इसलिए उसके पिता और भाई को रुक्मिणी का किसी अन्य व्यक्ति से विवाह करने का कोई अधिकार नहीं है।

रुक्मी क्यों चाहते हैं कि रुक्मिणी की शादी शिशुपाल से हो

अब सवाल यह है कि रुक्मी क्यों चाहते हैं कि रुक्मिणी की शादी शिशुपाल से हो। वजह राजनीतिक थी और जरासंध यह ऑफर लेकर आया था। जरासंध को कृष्ण पसंद नहीं, क्योंकि कृष्ण ने कंश को मार डाला, जो जरासंध का दामाद था। तो जरासंध बलवान बनना चाहता है और कृष्ण को हराना चाहता है और यह संभव हो सकता है यदि वह शिशुपाल के साथ रुक्मिणी का विवाह कर सके। इससे उसकी शक्ति एक राज्य से तीन राज्य तक बढ़ सकती है।

श्री कृष्ण ने रुक्मणी का हरण कर विवाह किया

अब फिर से इस कारण पर आते हैं कि कृष्ण ने रुक्मिणी से विवाह क्यों किया। रुक्मिणी को कृष्ण से प्यार हो गया था और जब उसे पता चला कि उसकी शादी शिशुपाल से हो रही है, तो उसने विरोध किया लेकिन उसके छोटे भाई के अलावा कोई भी उसकी बात नहीं सुनता था, इसलिए रुक्मिणी ने कृष्ण को एक पत्र लिखा कि उसे शादी के लिए मजबूर किया जा रहा है और ब्राह्मण कन्या सुनंदा के हाथ कृष्ण के पास यह पत्र भेज दिया। जब कृष्ण को पता चला, तो वह रुक्मिणी के पास आया और उसे हरण कर अपने साथ द्वारका ले गया। ऐसे ही हुआ था श्री कृष्ण और रुक्मणी जी का विवाह।

श्री कृष्ण ने रुक्मणी का हरण कर विवाह किया

अंत में

कारण बहुत सरल था, यह रुक्मिणी थी, जिसे अपना पति चुनने का अधिकार था। कृष्ण एक महिला के अधिकार की रक्षा के लिए आया था। कृष्ण एक मिसाल कायम करने आए थे कि कोई भी किसी लड़की से उसकी इस्छा के बिना शादी नहीं करा सकता ।

इसके अलावा एक और कारण भी है अगर आप राजनीतिक रूप से सोचते हैं। कृष्ण सब कुछ जानते हैं और भविष्य में क्या होने वाला है, इसलिए वह पांडवों के लिए सबसे बड़ा विरोध नहीं बनाना चाहते थे, इसलिए वे भी रुक्मणी से शादी करने आए।

FAQ

Q. श्री कृष्ण ने रुक्मणी का हरण कैसे किया?

कृष्ण ने रुक्मिणी का हरण एक मंदिर से किया था। वह मंदिर आज भी मौजूद है। इस मंदिर का नाम है ‘अवंतिका देवी मंदिर’। यह मंदिर उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर जिले में है।

Q. श्रीकृष्ण ने किसकी बहन का हरण किया था?

श्री कृष्ण ने रुक्मी की बहन रुक्मणी का हरण किया था।

Q. कृष्ण ने रुक्मणी से शादी क्यों की?

क्यों की रुक्मणी जी का बड़े भाई रुक्मी जबरदस्ती उनका विवाह शिशुपाल से कराना चाहता था, लेकिन रुक्मणी जी भगवान कृष्ण से प्रेम करती थी। जब कृष्ण को यह बात पता चला तो कृष्ण ने रुक्मणी जी को हरण कर शादी की।

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