Koshika Ki Khoj Kisne Ki | कोशिका की खोज किसने की

Koshika Ki Khoj Kisne Ki : नमस्ते दोस्तों, क्या आप कोशिका के बारे में सुने है, जरूर सुने होँगे। लेकिन कभी अपने यह सुने है की कोशिका की खोज किसने की, नहीं सुने है तो कोई बात नहीं क्युकी आज हम हमारे इस नए लेख में बता ने बाले है की कोशिका की खोज किसने की इसके अलाबा भी आज आपको बताउंगी की कोशिका कितने प्रकार के होते है और उससे जुड़ी कुछ जानकारी आज आपको बताउंगी। तो चलिए यह सब कुछ जानने के लिए पूरी लेख को ध्यान से पढ़ें।

Koshika Ki Khoj Kisne Ki – कोशिका की खोज किसने की

कोशिका की खोज किसने की
कोशिका की खोज रॉबर्ट हुक ने की थी।

रॉबर्ट हुक को कोशिका विज्ञान का जनक कहा जाता है। बर्ष 1665 में कोशिका जीवन की रचनात्मक, कार्यात्मक और मूलभूत इकाई है जिसका खोज सबसे पहले रॉबर्ट हुक ने की थी, यह एक मरी हुई कोशिका थी और रॉबर्ट हुक की यह कोशिका की खोज उनकी माइक्रोग्राफिया नाम के एक पुस्तक में प्रकाशित हुआ था। दोस्तों, आपको बता दे की वर्ष 1938 में वनस्पति शास्त्री शलाइडेन और जंतु विज्ञानी स्वान ने कोशिका सिद्धांत प्रस्तुत किया था और इसके अनुसार सभी जीवित प्राणियों का शरीर एक या अधिक कोशिकाओं से बना होता है। कोशिकाओं की उत्पत्ति पहले से मौजूद कोशिका से होती है।

फिर उसके बाद पहली बार ल्यूवेन हॉक ने जीवित कोशिका की खोज की थी।

कोशिका किसे कहते है?

  1. किसी भी जीव की जैविक क्रियाओं की रचना और संचालन करने वाली मौलिक इकाई कोशिका कहलाती है।
  2. आपको बता दे की स्वजनन कोशिका में पाया जाता है। आर. विरचो ने कहा कि नई कोशिका का निर्माण पुरानी कोशिका से विभाजन से होता है।
  3. दोस्तों, क्या आप पहले से जानते थे की तंत्रिका कोशिका मनुष्य की सबसे बड़ी कोशिका होती है जबकि माइकोप्लाज्मा सबसे छोटी कोशिका होती है, सबसे भारी और सबसे बड़ी कोशिका शुतुरमुर्ग पक्षी का अंडा होता है।

कोशिका के कितने प्रकार के होते है?

दोस्तों, कोशिका आमतौर पर दो प्रकार की होती है:

  1. प्रोकैरियोटिक कोशिका
  2. यूकैरियोटिक कोशिका

दोस्तों, इसकी जानकारी शुरू करने से पहले आपको बता दे की प्रोकैरियोटिक कोशिका और यूकैरियोटिक कोशिका की खोज डौघर्टी और एलन ने की थी।

प्रोकैरियोटिक कोशिका:

  • दोस्तों, आपको जानना जरुरी है की प्रोकैरियोटिक कोशिका में नाभिकीय झिल्ली, नाभिकीय विकसित कोशिकांग अनुपस्थित होते हैं और सबसे अनोखी बात है प्रोकैरियोटिक कोशिका की कोशिका भित्ति पेप्टिडोग्लाइकन या म्युरेन से बनी होती है।
  • प्रोकैरियोटिक कोशिका में 70 ‘एस’ प्रकार के राइबोसोम पाए जाते हैं। फिर डीएनए और आरएनए कोशिका द्रव्य सीधे संपर्क में होते हैं, इसके गुणसूत्रों में हिस्टोन प्रोटीन की भी कमी होती है।
  • प्रोकैरियोटिक कोशिका व्यास 0.1 से 0.5 माइक्रोमीटर के बीच होता है।
  • और यह एकल कोशिका वाले सूक्ष्म जीव में पाए जाते हैं।
  • दोस्तों, प्रोकैरियोटिक कोशिका का निर्माण द्विभाजन से होता है। जीव विज्ञान में, एक कोशिका का दो भागों में विभाजन और नई कोशिकाओं के निर्माण को द्विविभाजन कहा जाता है।
  • और इस प्रकार की कोशिकाओं में झिल्लीदार संगठित केन्द्रक और झिल्ली-बद्ध कोशिका द्रव्य नहीं पाए जाते हैं।

उदाहरण: जीवाणु, माइकोप्लाज्मा, नील हरित, बैक्टीरियोफेज, विषाणु, शैवाल इत्यादि।

यूकैरियोटिक कोशिका:

  • दोस्तों, अब बात करेंगे यूकेरियोटिक कोशिका की दोस्तों यूकेरियोटिक कोशिका में कोशिका भित्ति सेल्यूलोज और पेक्टोज से बनी होती है। इसमें, कोशिका झिल्ली केंद्रक और पूरी तरह से विकसित कोशिका द्रव्य में मौजूद होती है।
  • और यूकेरियोटिक कोशिका में लगवग 80 ‘एस’ प्रकार के राइबोसोम पाए जाते हैं, जिसमें डीएनए और आरएनए कोशिका द्रव्य के सीधे संपर्क में नहीं रहते हैं, हिस्टोन प्रोटीन यूकेरियोटिक कोशिका के गुणसूत्र में पाया जाता है और यह छड़ी है।
  • यह बहुकोशिकीय सूक्ष्मजीवों में पाया जाता है।
  • इनका व्यास 10 से 100 माइक्रोमीटर के बीच होता है।
  • वे यौन और अलैंगिक प्रजनन द्वारा गठित किए जा सकते हैं।

उदाहरण : प्रोटोजोआ जीव जंतु, सभी जंतु कोशिका, मनुष्य, पादप आदि

प्रोकैरियोटिक कोशिका और यूकैरियोटिक कोशिका में अंतर:-

प्रोकैरियोटिक कोशिकायूकैरियोटिक कोशिका
यह कोशिकाए अर्ध विकसित होते हैंयह अधिक विकसित होते हैं
इनमें वास्तविक केंद्रक नहीं होता हैइसमें माइट्रोकांड्रिया लवक तथा न्यूक्लियस होते हैं
इनमें विकसित माइट्रोकांड्रिया और न्यूक्लियस नहीं होते हैंइसमें कोशिका भित्ति सैलूलोज की बनी होती है
इनमें कोशिका भित्ति प्रोटीन तथा कार्बोहाइड्रेट की बनी होती हैइसमें एंडोप्लास्मिक रेटिकुलम उपस्थित होता है
गॉल्जीकाय केंद्रक झिल्ली लाइसोसोम केंद्रिका तथा सेंट्रियोल अनुपस्थित होते हैं              कोशिका विभाजन अर्धसुत्री या समसूत्री प्रकार का होता है
कोशिका विभाजन अर्धसूत्री प्रकार का होता है             प्रकाश संश्लेषण क्लोरोप्लास्ट में होता है
डीएनए एकल सूत्र के रूप में होते हैं              डीएनए पूर्ण विकसित एवं दोहरे सूत्र के रूप में होते हैं
प्रकाश संश्लेषण थायलेकाइड में होता है       

पादप कोशिका और जंतु कोशिका में अंतर:

पादप कोशिकाजंतु कोशिका
पौधे में विकसित त्रिस्तरीय कोशिका भित्ति पाई जाती है जो मुख्य रूप से सैलूलोज की बनी होती हैजंतु कोशिका में कोशिका भित्ति नहीं पाई जाती है बल्कि कोशिका जीव द्रव्य झिल्ली से ढकी रहती है
वनस्पति कोशिका में सैंटरोसोम नहीं पाया जाता हैजंतुओं में पर्णहरित नहीं पाया जाता है
पौधे में प्रायः लाइसोसोम नहीं पाई जाती है    लाइसोसोम जंतु कोशिका में मिलती है
अधिकांश पादपों की कोशिकाओं में तारक केंद्र नहीं होते हैंअधिकांश जंतु कोशिकाओं में तारक केंद्र होते हैं

कोशिका के अंग कौन कौन से हैं?

  1. कोशिका भित्ति
  2. जीवद्रव्य
  3. कोशिका झिल्ली का तरल मोजैक मॉडल
  4. हरितलवक
  5. माइटोकॉण्ड्रिया
  6. अन्त : प्रद्रव्यी जालिका
  7. गॉल्जीकाय
  8. राइबोसोम
  9. तारककाय
  10. लाइसोसोम
  11. परॉक्सीसोम
  12. सूक्ष्मनलिकाएँ
  13. केन्द्रक
  14. केन्द्रिका
  15. गुणसूत्र

कोशिका के कार्य:

  1. दोस्तों, कोशिका की निम्न कार्य है।
  2. सभी जीवित प्राणी कोशिकाओं से बने हैं। कोशिका भित्ति और कोशिका झिल्ली दो मुख्य घटक माने जाते हैं जो कोशिका को सही आकार देते हैं।
  3. कोशिका झिल्ली कोशिका के अंदर और बाहर पदार्थों की गति को नियंत्रित करती है।
  4. कोशिकाओं को शरीर में विभिन्न रासायनिक प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। पादपों में यह ऊर्जा प्रकाश-संश्लेषण द्वारा तथा जन्तुओं में श्वसन क्रिया द्वारा उत्पन्न होती है।
  5. जिस जैविक प्रक्रिया द्वारा एक कोशिका विभाजित होकर दो या दो से अधिक कोशिका में परिवर्तित हो जाये उसे कोशिका विभाजन कहते है। कोशिका विभाजन द्वारा ही जीवों के शरीर का निर्माण तथा विकास होता है।

कोशिका के बारे में जानकारी:

  • मनुष्य से लेकर वनस्पति, जानवर, पक्षी यहा तक की सूक्ष्मजीव का निर्माण भी कोशिका से ही हुआ है।
  • मनुष्य में पाई जाने वाली सबसे छोटी कोशिका शुक्राणु होती है जिसका व्यास लगभग 5 माइक्रोमीटर होता है।
  • मनुष्य में सबसे बड़ी कोशिका स्त्री का अंडाणु होता है जिसका व्यास लगभग 100 माइक्रोमीटर होता है।
  • मनुष्य रोजाना 50 से 70 अरब कोशिका नष्ट करता है।
  • पृथ्वी पर सबसे पहले प्रोकैरियोटिक कोशिका ने जन्म लिया, बाद में यूकैरियोटिक कोशिका भी प्रोकैरियोटिक कोशिका से ही उत्पन्न हुई।
  • मनुष्य में यूकैरियोटिक कोशिका पाया जाता है लेकिन इसके भी 200 से भी ज्यादा प्रकार होते है।
  • मनुष्य में पाई जाने वाली सबसे लंबी कोशिका तंत्रिका कोशिका होती है।
  • मनुष्य में 37 ख़राब से भी ज्यादा कोशिकाएं होती है।

मनुष्य के शरीर में कितनी कोशिकाएं होती हैं?

दोस्तों, हम पहले ही आपको बोल दिए थे की सभी जीवित प्राणी कोशिकाओं से बने हैं। उनमें से कुछ एकल कोशिका से बने होते हैं और अन्य में कई कोशिकाएँ होती हैं। मानव शरीर लगभग 60-90 ट्रिलियन कोशिकाओं से बना है।

निष्कर्ष:

धन्नोबाद दोस्तों, हमारी इस लेख को पूरा पढ़ने के लिए। तो अभी आपको कोई प्रॉब्लम नहीं होगा क्युकी हम आपको बता दिए है की कोशिका की खोज किसने की थी इसके अलाबा भी हम आपको कोशिका से जुड़े हुई कई सारे जानकारी दिए है और अभी आप सही तरह से जान गए हे की कोशिका की खोज किसने की थी।

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