DNA Ki Khoj Kisne Ki |डीएनए की खोज किसने की

DNA Ki Khoj Kisne Ki : क्या आप जानते है कि डीएनए की खोज किसने की नहीं जानते तो कोई बात नहीं क्युकी आज हम इस लेख के मद्धम से बता ने जा रहे हैं की डीएनए की खोज किसने की थी। दोस्तों सिर्फ यह जानने से कुछ नहीं होता इसके अलाबा भी हम आपको बताएंगे की डीएनए को कितने भागों में विभाजित किया गया है? आणविक संरचना को पहली बार किसने पहचाना? इसके अलावा आज मैं आपको डीएनए से जुड़ी कुछ बात बताऊंगा। तो चलिए बिना किसी देरी के इस लेख को शुरू करते हैं

DNA Ki Khoj Kisne Ki
DNA Ki Khoj Kisne Ki

DNA Ki Khoj Kisne Ki | डीएनए की खोज किसने की?

तो दोस्तों पहले आप यह जानले की डीएनए एक ऐसा पदार्थ है जो हर एक्के अंदर होता है जैसे कि सूक्ष्म जीव, विशाल वृक्ष हो या मानव यह हर एक्के अंदर होता है। अब आपको बता दे की फ्रेडरिक मिशर ने बर्ष 1869 में डीएनए की खोज की थी और उन्होंने इसका नाम न्यूक्लिन रखा” इसके बाद 1881 में अल्ब्रेक्ट कोसेल ने न्यूक्लिन को न्यूक्लिक एसिड की तरह पाया। तब इसे डीऑक्सीराइबोज न्यूक्लिक एसिड नाम दिया गया था और इसे ही डीएनए का फुल फॉर्म कहा जाता है।

डीएनए को कितने भागों में विभाजित किया गया है?

आमतौर पर डीएनए को 5 भागों में विभाजित किया जाता है ।

  1. एडेनिन (ए),
  2. साइटोसिन (ए) (सी),
  3. गुआनिन (जी),
  4. थाइमिन (टी)
  5. और यूरासिल (यू)

किसने पहली बार आणविक संरचना को पहचानती है?

बर्ष 1951 में सबसे पहले जेम्स वाटसन और फ्रांसिस क्रिक ने डीएनए की आणविक संरचना को पहचानने थे और इसके लिए बर्ष 1962 में वाटसन, क्रिक और विल्किंस को नोवेल पुरस्कार से साथ सम्मानित किया गया था।

डीएनए टेस्ट क्यो कराना चाहिए?

किसी के आनुवंशिक विकारों का निदान करने के लिए और यह निर्धारित करने के लिए कि क्या किसी व्यक्ति में आनुवंशिक उत्परिवर्तन है और इसे अलाबा भी अपने बच्चों को बचाने के लिए डीएनए परीक्षण, या आनुवंशिक परीक्षण के लिए डीएनए टेस्ट कराना चाहिए। इससे व्यक्ति वंश और कुछ बीमारियों के जोखिम का पता लगा सकता है। इसके अलाबा भी यह विभिन्न कारणों के लिए भी डीएनए टेस्ट कराना चाहिए जैसे कि व्यक्तिगत अनुनय और कानून, बाल सहायता, हत्या, गोद लेने,बाल हिरासत, विरासत, और फोरेंसिक मुद्दे, आप्रवास, वंशानुगत निदान, बलात्कार, आदि।

डीएनए के बारे में कुछ जानकारी

  • डीएनए किसी भी जीवित कोशिका में पाया जाने वाला गुणसूत्र है।
  • आमतौर पर डीएनए दोहरे सर्पिल के आकार का होता है जो एक साथ मजबूती से जुड़ा होता है। चार क्षार जोड़े ए, सी, जी और टी से बने रासायनिक घटक होते हैं और इसके साथ ही उनमें नाइट्रोजन भी होता है। इस डीएनए अणु में आधारों का क्रम वह है जो इसमें निहित आनुवंशिक जानकारी को निर्धारित करता है। तो इस प्रकार, त्वचा, यह क्रम बालों के रंग, नाक के आकार से लेकर लक्षणों तक लगभग सब कुछ निर्धारित करता है।
  • डीएनए के एक छोटे से हिस्से को जीन कहा जाता है और जीन के अनुक्रम को जीनोम कहा जाता है। सभी आनुवंशिक निर्देश जीनोम में ही कोड के रूप में दर्ज होते हैं। यदि आप 60 शब्द प्रति मिनट, 8 घंटे प्रतिदिन टाइप करते हैं, तो आपको पूरे मानव जीनोम को टाइप करने में लगभग 50 वर्ष लगेंगे।
  • डीएनए में फॉस्फेट, डीऑक्सीराइबोज शुगर और नाइट्रोजनस बेस पेयर होते हैं। दोनों चीनी स्टैंड नाइट्रोजन बेस पेयर द्वारा एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। इस आधार युग्म में एक आनुवंशिक गुण होता है, जिसे आनुवंशिक कोड कहा जाता है। यह आनुवंशिक कोड आनुवंशिक लक्षणों के साथ-साथ पीढ़ी-दर-पीढ़ी पारित किया जाता है।
  • एलेक जेफ्रीज़ जिन्होंने 1984 में चमत्कारिक ढंग से डीएनए फ़िंगरप्रिंटिंग का आविष्कार किया था। उन्होंने सीखा कि हर इंसान का डीएनए पैटर्न भी पूरी तरह से अलग होता है। उन्होंने डीएनए फिंगरप्रिंटिंग करके बारकोड जैसी छवि बनाई। जिससे दो व्यक्तियों के डीएनए में समानता की पहचान की जा सके।
  • डीएनए की खोज 1869 में फ्रेडरिक मिशर ने की थी। वैज्ञानिकों को पहली बार 1943 तक यह एहसास नहीं हुआ था कि यह कोशिकाओं में मौजूद एक आनुवंशिक पदार्थ है। फिर 1943 से पहले, वैज्ञानिकों का मानना ​​​​था कि सभी आनुवंशिक जानकारी प्रोटीन में संग्रहीत होती है।
  • एकल भ्रूण के विभाजन से पैदा हुए जुड़वा बच्चों में 100% समान डीएनए होता है। ऐसे जुड़वां बच्चों को “मोनोजेनिक जुड़वां” कहा जाता है।
  • इसमें माता-पिता और उनके बच्चों का डीएनए लगभग 99.5% समान होता है। डीएनए बहुत स्थिर होता है जो उम्र के साथ नहीं बदलता है।
  • मानव जीनोम लगभग 3 अरब आधार जोड़े से बना है, जिनमें से केवल 3% डीएनए अनुक्रम प्रोटीन को एन्कोड कर सकते हैं। अन्य 97% डीएनए निष्क्रिय है, जिसे “जंक डीएनए” कहा जाता है।
  • डीएनए हर एक कोशिका में होता है ये कोशिका के अंदर 0.09 माइक्रोमीटर की जगह घेरता है मगर इसे फैलाया जाये तो ये 1.8 मीटर लम्बा होगा।
  • डीएनए का परीक्षण खून, गाल की कोशिका और मूत्र के सैंपल से किया जाता है।
  • स्विस चिकित्सक फ्रेड्रिक मोइस्चर ने पहली बार 1869 में डीएनए की खोज की थी, लेकिन उस समय उन्हें यह नहीं पता था कि डीएनए आनुवंशिक सामग्री है।
  • हमारा डीएनए चिंपैंजी के समान 98% और केले के समान 50% होता है।
  • केवल 1 ग्राम डीएनए में लगभग 700 टेराबाइट तक की जानकारी स्टोर कर सकता है।
  • इंसानों और गोभी का डीएनए लगभग 40-50% समान होता है।
  • डीएनए हजारों साल पुराने जैविक अवशेषों से प्राप्त किया जा सकता है, यहां तक ​​कि 2.5 मिलियन वर्ष पुराने जीवाश्मों से भी, जैसे कि एम्बर में फंसे कीड़े।
  • “बेडेलॉइड रोटिफ़र्स” मछली हैं जो बाहर से डीएनए खाकर ऊर्जा प्राप्त करती हैं। यह मछली एक सूक्ष्म जीव है; जो ज्यादातर साफ पानी में पाया जाता है। इसका आकार 150 से 700 µm (माइक्रोमीटर) तक होता है।

डीएनए डबल हेलिक्स किसे कहते है?

यदि डीएनए को इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप से देखा जाए तो यह सीढ़ी जैसी वस्तु जैसा दिखता है और स्प्रिंग की तरह घुमावदार होता है। इसमें दो स्टैंड एक साथ व्यवस्थित और एक निश्चित आकार में मुड़े हुए होते हैं और इन दोनों संगठनों को डीएनए डबल हेलिक्स के रूप में जाना जाता है।

निष्कर्ष

धन्यवाद दोस्तों हमारी इस लेख को पूरा पढ़ने के लिए, तो अब आप अच्छी तरह से जानते हैं कि डीएनए की खोज किसने की। अगर आपको हमारी इस लेख को पसंद आया तो आप हमारी इस लेख को आपके फ्रेंड्स या रिस्तेदारो के साथ शेयर के सकते है।

FAQ – सवाल जवाब

Q. डीएनए की खोज सर्वप्रथम किसने की थी?

फ्रेडरिक मिशर।

Q. डीएनए की खोज कब और किसने की ?

फ्रेडरिक मिशर ने बर्ष 1869 में डीएनए की खोज की थी।

Q. डीएनए फिंगरप्रिंट की खोज किसने की थी?

सर एलेक जेफरीस ने अपनी लैब में डीएनए फिंगरप्रिटिंग की खोज की

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