Chai Ko Hindi Mein Kya Kahate Hain | चाय को हिन्दी में क्या कहते हैं

Chai Ko Hindi Mein Kya Kahate Hain? अधिकांश लोगों को इस प्रश्न का उत्तर नहीं पता है। यदि आप नहीं जानते हैं तो कोई बात नहीं क्योंकि आज हम आपको इस लेख के माध्यम से चाय को हिंदी में क्या कहते हैं, यह बताने जा रहे हैं। तो चलिए अब इस लेख को शुरू करते हैं-

चाय को हिन्दी में क्या कहते हैं
चाय को हिन्दी में क्या कहते हैं

Chai Ko Hindi Mein Kya Kahate Hain | चाय को हिन्दी में क्या कहते हैं?

चाय एक ऐसा ड्रिंक है जिसे इंडिया का नेशनल ड्रिंक भी मन जाता है। तो आपको बता दें कि दूध के चाय को दुग्ध जल मिश्रित शर्करा युक्त पर्वती बूटी कहलाता है।

तो दोस्तों इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप चाय का हिंदी मतलब जानते हैं, चाय के और भी फायदे हैं जिनके बारे में आपको जरूर जानना चाहिए। जो हमने निचे लिखा है आप चाइये तो पढ़ सकते है।

चाय के बारे में कुछ रोचक बातें :

बहुत से लोग ऐसे होते हैं जिन्हें चाय पीना बेहद पसंद होता है। बहुत से लोगों को सुबह चाय पीने की आदत होती है इसलिए बह लोग सुबह उठकर चाय पीकर अपने दिन की शुरुआत करते हैं। आप यह भी सोच रहे होंगे की क्या चाय एक इंडियन शब्द हे ? तो में आपको बता दू की नहीं चाय एक चाइनीस शब्दों चा से इंस्पायर्ड (Inspired) हे।

चाय कितनी तरह की होती है ?

चाय दो तरह की होती है : एक प्रोसेस्ड या सीटीसी (कट, टीयर ऐंड कर्ल) और एक होता ग्रीन टी (नैचरल टी)।

  • ग्रीन टी:- इसे चाय के पौधे की कच्ची पत्तियों से बनाया जाता है। सीधे पत्तों को तोड़कर भी चाय बनाई जा सकती है। इसमें सबसे ज्यादा एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं। ग्रीन टी बहुत फायदेमंद होती है, खासकर अगर इसका सेवन बिना दूध और चीनी के किया जाए। इसमें कैलोरी भी नहीं होती है। इस ग्रीन टी से हर्बल और ऑर्गेनिक चाय तैयार की जाती है। ऑर्गेनिक इंडिया, ट्विनिंग्स इंडिया, लिप्टन कुछ ऐसे प्रसिद्ध नाम हैं जो ग्रीन टी प्रदान करते हैं।
  • सीटीसी टी (आम चाय) :-  यह विभिन्न ब्रांडों के तहत बेची जाने वाली एक दानेदार चाय है, जो आमतौर पर घरों, रेस्तरां और होटलों में उपयोग की जाती है। इसमें पत्तों को तोड़कर कर्ल किया जाता है। फिर इसे सुखाकर दानों का रूप दिया जाता है। इस प्रक्रिया में कुछ बदलाव हैं। इससे चाय का स्वाद और सुगंध बढ़ जाती है। लेकिन यह ग्रीन टी जितना प्राकृतिक नहीं है और न ही उतना फायदेमंद।
  • लेमन टी:- लेमन टी सेहत के लिए अच्छी होती है, क्योंकि चाय के एंटी-ऑक्सीडेंट जिन्हें शरीर अवशोषित नहीं कर पाता है, वह भी नींबू मिलाने से अवशोषित हो जाते हैं।
  • काली चाय :- कोई भी चाय जो बिना दूध और चीनी डाले पियी जाती है उसे काली चाय कहते हैं। ग्रीन टी या हर्बल टी आमतौर पर बिना दूध डाले पिया जाता है। लेकिन ब्लैक टी के तौर पर किसी भी तरह की चाय पीना सेहत के लिए सबसे फायदेमंद होता है। तभी चाय का असली फायदा मिलता है।
  • झटपट चाय :- इस श्रेणी में टी बैग्स आदि आते हैं, यानी पानी में डाल दें और चाय तुरंत तैयार हो जाती है। टी बैग्स में टैनिक एसिड होता है, जो एक प्राकृतिक एस्ट्रिंजेंट है। इसमें एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। इन्हीं गुणों के कारण टी बैग्स का इस्तेमाल कॉस्मेटिक्स आदि में भी किया जाता है।
  • हर्बल टी:- अगर ग्रीन टी में तुलसी, अश्वगंधा, इलायची, दालचीनी आदि कुछ जड़ी-बूटियां मिला दी जाती हैं तो हर्बल टी बनती है। आप इसमें एक या तीन या चार जड़ी-बूटियां भी मिला सकते हैं। यह बाजार में तैयार पैकेट में भी उपलब्ध है। सर्दी-खांसी में यह बहुत फायदेमंद होता है इसलिए लोग इसका इस्तेमाल दवा के तौर पर भी करते हैं।
  • जैविक चाय:- जिस चाय के पौधे में कीटनाशक और रासायनिक उर्वरक नहीं होते हैं, उसे जैविक चाय कहते हैं। यह सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है।
  • सफेद चाय:- यह सबसे कम प्रसंस्कृत चाय है। इसे कुछ दिनों के कोमल पत्तों से तैयार किया जाता है। इसका हल्का मीठा स्वाद होता है। इसमें सबसे कम कैफीन और सबसे अधिक एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं। एक कप में केवल 15 मिलीग्राम कैफीन होता है, जबकि एक कप ब्लैक टी में 40 और ग्रीन टी में 20 मिलीग्राम होता है।
  • मशीन चाय:- मशीन चाय आमतौर पर रेस्तरां, कार्यालयों, रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों आदि पर उपलब्ध होती है। इस चाय का कोई उपयोग नहीं है क्योंकि इसमें प्राकृतिक रूप में कुछ भी मौजूद नहीं है।
  • अन्य चाय:- इन दिनों स्ट्रेस रिलीविंग, कायाकल्प, स्लिमिंग टी और आइस टी भी काफी चलन में हैं। इनमें कई तरह की जड़ी-बूटियां आदि मिलाई जाती हैं। उदाहरण के लिए, दालचीनी भ्रम को दूर करती है, दालचीनी ताजगी प्रदान करती है और तुलसी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती है। इसी तरह स्लिमिंग टी में भी ऐसे तत्व होते हैं जो वजन कम करने में मदद करते हैं। वे चयापचय दर को थोड़ा बढ़ाते हैं, लेकिन यह बहुत सहायक है। सिर्फ इसकी मदद से वजन कम नहीं किया जा सकता है। आइस टी में चीनी की मात्रा बहुत अधिक होती है इसलिए इसे पीने से कोई फायदा नहीं होता है।

अंत : तो दोस्तों अब आप जानते है की चाय को हिन्दी में क्या कहते हैं। अगर आपको हमारी इस लेख को पसंद आया तो आप इस लेख को अपने फ्रेंड्स या रिस्तेदारो के साथ शेयर कर सकते हो।

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