Bulb Ki Khoj Kisne Ki | बल्ब की खोज किसने की

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Bulb Ki Khoj Kisne Ki : दोस्तों, आपको आज हम हमारे इस नये आर्टिकल में एक बहुत ही दिलचक बात बताने बाले है। दोस्तों क्या अपने कभी बल्ब देखे है, जरूर सुने होँगे क्युकी अब बल्ब तो हर लोगों के घर में है। लेकिन क्या कभी अपने यह सोचा है की बल्ब की खोज किसने की? इसलिए आज हम आपको आज बताने जा रहे है की टेलीफोन का आविष्कार किसने किया था। तो चलिए इस प्रश्नो का सही जबाब जानने के लिए इस हमारे इस आर्टिकल को पूरा पढ़िए। 

दोस्तों अब तो सभी के घर में 2 से 3 या उससे भी ज्यादा बल्ब होता है। लेकिन पहले की समय में बल्ब नहीं होता था, पहले की समय में लोग दीयों का उपयोग करते थे। लेकिन जिस तरह इसकी रोशनी हमें अंधेरे में देखने में मदद करती है, उसी तरह इसकी आग कभी भी दुर्घटना का कारण भी बन सकती है।

बल्ब की खोज किसने की?

Bulb Ki Khoj Kisne Ki
बल्ब का आविष्कार थॉमस अल्वा एडिसन ने किया था।

दोस्तों चलो अब आपको बता देते है की बल्ब का आविष्कार बर्ष 1879 में इतिहास के महान वैज्ञानिक थॉमस अल्वा एडिसन ने किया था। थॉमस अल्वा एडिसन थे उस समय के प्रसिद्ध वैज्ञानिक जिन्होंने कई सारे असफलता के बाद भी अपनी यह खोज जारी राखी और आखिर में अपनी सफलता के साथ उन्होंने अपने बल्ब अबिष्कारो के साथ इतिहास में अपने नाम लोगों के मन में यादगार बना रखा।

बल्ब क्या है?

  • दोस्तों आप सब जानते ही होँगे की बल्ब बिजली से जुड़ा होता है और बह बल्ब हमको प्रकाश प्रदान करता है। आपको जानना जरुरी है की बल्ब में एक तार होता है जो टंगस्टन का बना होता है और इसका प्रतिरोध भी बहुत ही ज्यादा है। इसके अलाबा भी इसका प्रतिरोध ज्यादा होने से यह बेहत गर्म भी होता है और जब इसके अंदर से विद्युत धारा प्रवाहित होती है तब यह गर्म होकर हमें प्रकाश देता है।
  • आपको बता दें कि पिछले कुछ समय से बल्ब के सीएफएल को बदला गया है क्योंकि यह बल्ब से कम बिजली लेता है, इसके अलावा यह ज्यादा रोशनी भी देता है और इसमें एलईडी बल्ब भी शामिल है।

बल्ब का आविष्कार कैसे हुआ?

  • दोस्तों आपको तो हम पहले ही बोले थे की बल्ब का अबिष्कार बर्ष 1879 में महान वैज्ञानिक थॉमस अल्वा एडिसन ने की थी लेकिन क्या आप जानते हैं कि सबसे पहले बिजली के इस्तेमाल से रोशनी देने का विचार किसके दिमाग में आया था? नहीं पता तो कोई बात नहीं, हम आपको बता देते है की सबसे पहले बिजली के इस्तेमाल से रोशनी देने का विचार अंग्रेजी रसायनज्ञ हंफ्री डेवी के दिमाग में आया था और यह लगभग 200 से अधिक वर्षों से है। उन्होंने सबसे पहले दिखाया था कि जब तारों को मिलाकर बिजली प्रवाहित की जाती है तब वह तार गर्म होकर प्रकाश प्रदान करता है।
  • उनके द्वारा तैयार किए गए पहले के समय की उपकरण सिर्फ कुछ घंटों के लिए ही चल पाते थे। अमेरिकी आविष्कारक थॉमस एडिसन को बल्ब का आविष्कारक कहते है क्युकी एडिसन ने बर्ष 1879 में सबसे पहले कार्बन फिलामेंट लाइट बल्ब का आविष्कार करके पूरी दुनिया को दिखाया था।
  • दोस्तों एकबार, एडिसन ने पतले कार्बन फिलामेंट के साथ-साथ एक बेहतर डिज़ाइन दिखाया था जिसमें बेहतर वैक्यूम का उपयोग भी किया गया था, बह बाद में वैज्ञानिक और व्यावसायिक दोनों चुनौतियों पर काबू पाने में सफल रहा और अंत में प्रकाश बल्ब का नेतृत्व किया।

थॉमस एल्वा एडिसन के बारे में 5 जानकारी

  1. दोस्तों आपको बता दे की बिजली के बल्ब का आविष्कार करने में उन्होंने कड़ी मेहनत भी की थी क्युकी बल्ब का आविष्कार करने में उसने 10,000 बार से भी अधिक बार बिफलता भी पायी है। एकबार उन्होंने कहा था कि – मैं कभी असफल नहीं हुआ, लेकिन मुझे ऐसे 10,000 तरीके मिले जो मेरे काम नहीं आए।
  2. दोस्तों एडिसन ने 10 साल की उम्र में ही अपनी पहली प्रयोगशाला बना ली थी और उनकी मां ने उन्हें एक किताब दी थी जिसमें कई रासायनिक प्रयोग दिए गए थे। एडिसन को यह किताब बहुत पसंद आई और उन्होंने अपना सारा पैसा रसायनों पर खर्च कर दिया और ये सारे प्रयोग किए।
  3. दोस्तों एडिसन को बचपन में प्रयोग जारी रखने के लिए पैसों की जरूरत थी, इसलिए बह पैसे कमाने के लिए वह ट्रेन में अखबार और सब्जियां बेचता था।
  4. अपना पहला बल्ब बनाने में एडिसन की लागत $40,000 आयी थी।
  5. और 18 अक्टूबर 1931 को थॉमस एडिसन का मृत्यु हो गया था।

बल्ब कितने प्रकार के होते है?

दोस्तों आपको बाजार में कई तरह के बल्ब देखने को मिलेंगे, लेकिन सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले बल्ब जो आपको हम नीचे दिए गए हैं –

  1. अत्यधिक चमकीले बल्ब
  2. फ्लोरोसेंट लैंप
  3. सीएफएल (कॉम्पैक्ट फ्लोरोसेंट लैंप)
  4. एलईडी (प्रकाश उत्सर्जक डायोड)
  5. हलोजन बल्ब

एलईडी बल्ब का आविष्कार किसने किया था?

बर्ष 1962 में अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी ‘जनरल इलेक्ट्रिक’ में काम करने वाले इंजीनियर निक होलोनीक ने पहेली बार एलईडी बल्ब का आविष्कार किया था और अब यह बल्ब आविष्कार हुए गए 57 साल हो चुके हैं।

बिजली के बल्ब में अक्रिय गैस क्यों भरी जाती है?

एक बिजली के बल्ब में एक अक्रिय गैस भरी जाती है क्योंकि यह बल्ब में मौजूद टंगस्टन के साथ प्रतिक्रिया नहीं करता है और इसकी बजह से टंगस्टन जल्दी खराब भी नहीं होता है।

निष्कर्ष :

हेलो दोस्तों, अब आप सही तरह से जान गए होंगे की बल्ब की खोज किसने की। अब आपको कोई प्रॉब्लम नहीं होगी और धन्यवाद हमारी इस नई लेख को पूरा पढ़ने के लिए। आप चहेतो आप हमारी इस आर्टिकल को अपने फ्रेंड्स या अपने रिस्तेदारो के साथ शेयर कर सकते हो इससे आपका फ्रेंड्स या रिस्तेदार भी जान सकेगा की बल्ब का खोज किसने की थी।  

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