मुद्रा लोन न चुकाने पर क्या होगा | Mudra Loan NPA Rules in Hindi

मुद्रा लोन चुकाने पर क्या होगा : जब लोन लेने वाला व्यक्ति की चुकौती 90 दिनों से अधिक हो जाती है, तो उधारकर्ता के खाते को नॉन-परफार्मिंग एसेट (एनपीए) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।  ऐसे मामलों में, ऋणदाता लोन लेने वाले व्यक्ति को नोटिस जारी करती है और साथ में चुकौती की अबधि बताया जाता है। इसके बाद लोन लेने वाला व्यक्ति को बैंक के नोटिस का जवाब देना होता है।

अगर लोन लेने वाला व्यक्ति नोटिस में दिया गया अबधि के भीतर नोटिस का जवाब नहीं देते, EMI या लोन राशि चुकाने में विफल रहते है, तो बैंक आपके ऊपर कानूनी करवाई कर सकता है।

बैंक चाहे तो आपकी संपत्ति को बेच भी सकता है। लेकिन संपत्ति को बिक्री करने से पहले बैंक को 30 दिनों का एक और सार्वजनिक नोटिस देना होगा। तो चलिए इसे और डिटेल के साथ समझते हैं, क्योंकि अगर आपने मुद्रा लोन लिया है और आप इस लोन को चुकाने में असफल रहे हैं तो यह लेख आपके लिए है। यह भी पढ़ें : महिलाओं के लिए मुद्रा लोन योजना

मुद्रा लोन न चुकाने पर क्या होगा
मुद्रा लोन न चुकाने पर क्या होगा

मुद्रा लोन चुकाने पर क्या होगा | Mudra Loan NPA Rules in Hindi

  • यदि आप अपना लिया हुआ मुद्रा लोन को चुकाना बंद कर देते हैं तो आपको डिफाल्टर माना जाता है।
  • सही समय पर लोन नहीं चुकाने पर आपको अधिक पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं क्योंकि जुर्माना और ब्याज शुल्क आपके खाते में जमा होते रहेंगे।
  • आपका क्रेडिट स्कोर नीचे जा सकता है और खोए हुए क्रेडिट स्कोर को पुनर्प्राप्त करने में कई साल लग सकते हैं, फिर आपको कोई भी बैंक उधार नहीं देगा।
  • बैंक आपके ऊपर क़ानूनी करबाई कर सकता है जिससे आपको अदालत में पेश होना पर सकता है।
  • अगर आपने मुद्रा लोन लिया है और चुकाने में असफल रहे है तो इस मामले में बैंक कोई उचित कार्रवाई करेगा या नहीं इसके लिए सरकार की तरफ से कोई भी सरकुलेशन जारी नहीं हुआ है। लेकिन मुद्रा लोन नहीं चुकाने वाले लोगों में 27% की बढ़ोतरी के बजह से वित्त मंत्रालय ने कहा सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाने की सोच रहे है।

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अगर नहीं चुका पा रहे हैं लोन तो न हों परेशान, यहां पढ़ें अपने ये अधिकार

  1. ऋण की चुकौती न करने की स्थिति में, ऋणदाता को पहले उधारकर्ता को नोटिस अवधि जारी करनी होती है। बैंक आपके खिलाफ तुरंत कुछ नहीं कर सकता।
  2. यदि ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है कि बैंक आपकी संपत्ति बेचना चाहता है, तो बैंक को विशेष रूप से आरक्षित मूल्य, नीलामी की तिथि और समय के साथ संपत्ति के उचित मूल्य का उल्लेख करते हुए एक नोटिस देना होगा।
  3. यदि बैंक से दिया गया नोटिस में आपको अपनी संपत्ति का मूल्य कम लगता हैं, तो आपको एक नए खरीदार की तलाश करने का अधिकार है।
  4. अगर आपकी संपत्ति पर बैंक के द्वारा कब्जा कर लिया गया है, तो भी आपको अपनी संपत्ति की नीलामी की प्रक्रिया की निगरानी करने का अधिकार है।
  5. ऋणदाता अपनी बकाया राशि की वसूली के बाद किसी भी अतिरिक्त राशि को वापस करने के लिए बाध्य हैं।
  6. ऋणदाता अपने ऋणों को चुकाने के लिए उधारकर्ताओं पर दबाव बनाने के लिए वसूली एजेंटों को नियुक्त करते हैं। लेकिन उधारकर्ता के साथ एजेंट किसी प्रकार की बदसलूकी नहीं कर सकते हैं।
  7. यदि एजेंट उधारकर्ताओं या उनके परिवार के सदस्यों को डराने-धमकाने या अपमानित करने का प्रयास नहीं कर सकते हैं।
  8. बैंक एजेंट किसी भी समय लोन लेने बाले बक्ति के घर नहीं जा सकते हैं, इसके लिए  एक निश्चित समय अवधि बनाई गयी है, 7:00 बजे सुबह से लेकर 7:00 बजे रात के बीच।
  9. आप कई क्षेत्रों में सार्वजनिक सहायता सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं।

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जब आप बैंक ऋण चुकाने में असमर्थ हैं तो आप क्या कर सकते हैं?

यदि आप अचानक बीमारी या नौकरी छूटने जैसी अस्थायी समस्या के कारण अपना ऋण चुकाने में असमर्थ हैं, तो आप अपने बैंक से संपर्क कर स्थिति की व्याख्या कर सकते हैं। हमे आशा है की बैंक आपकी बात जरूर सुनेगी। जब आपकी वित्तीय स्थिति सामान्य हो जाने पर आप अपनी ईएमआई का भुगतान फिर से शुरू कर सकते हैं।

यदि आपकी कमाई कम हो गई है या आपके अन्य खर्च बढ़ गए हैं, तो आप अपने अपनी मासिक ईएमआई कम करने के लिए अपने ऋणदाता से संपर्क कर सकते हैं।

यदि आपको पैसो की कमी की बजह से अपना ऋण चुकाने में कठिनाई हो रही है तो आप अपने अन्य निवेशों को बंद कर सकते हैं।

अपने ऋणों को चुकाने के लिए म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपोसिट  और अन्य इक्विटी में अपनी बचत का उपयोग करें और अपनी लोन को सही समय पर चुकाए।

उदाहरण के लिए, यदि आपने कार ऋण लिया है, लेकिन इसका भुगतान करने में असमर्थ हैं, तो आप कार का कमर्शियल कागज निकाल कर इसे व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए उपयोग कर सकते हैं। जिससे आप अपने लोन को आराम से चूका सकते है।  

लोन सेटलमेंट क्या है?

टर्म सेटलमेंट यह दर्शाता है कि ग्राहक नियमित ईएमआई का भुगतान करने में असमर्थ है, इसलिए लोन लेने बाला बक्ति खाता बंद करने के लिए अतिदेय राशि का एक हिस्सा भुगतान करने का विकल्प चुनता है। इसे लोन सेटलमेंट कहते है।

यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि एक ऋण खाता जो सेटलमेंट किया जाता है वह हमेशा सिबिल स्कोर में दिखाई देगा। जो आगे क्रेडिट प्राप्त करने के लिए एक बाधा होगी।

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लोन सेटलमेंट कैसे करें?

समय की अवधि में नियमित किस्त का भुगतान नहीं किया जा रहा है, ऋणदाता भुगतान की वसूली के लिए ग्राहक से संपर्क करेगा और सेटलमेंटका विकल्प पेश कर सकता है।

चाहे तो आप शाखा प्रबंधक के साथ अपॉइंटमेंट शेड्यूल करने के लिए अपने बैंक को कॉल करें। अपॉइंटमेंट के दिन, बैंक जाये और उन्हें अपने ऋण के सेटलमेंट के लिए अपने निर्णय के बारे में सूचित करें। अपने निपटान की शर्तों से सहमत होने की आवश्यकता पर उन्हें पर्याप्त कारण दें।

सेटलमेंट राशि पर बातचीत करे, ऋण के मूलधन का भुगतान ग्राहक की वर्तमान वित्तीय स्थिति के अनुसार ब्याज के एक हिस्से के साथ किया जाता है।

बैंक के साथ लोन सेटलमेंट राशि पर बातचीत कर के तय की गई राशि को किश्तों में बदला जा सकता है या एकमुश्त भुगतान किया जा सकता है।

FAQ – सवाल जवाब

Q. लोन न चुकाने पर जेल हो सकती है ?

ऋण चूक के लिए किसी व्यक्ति पर आपराधिक आरोप नहीं लगाए जा सकता। यानी पुलिस गिरफ्तारी नहीं कर सकती। इसलिए, एक व्यक्ति जो लोन चुकाने और EMI का भुगतान करने में असमर्थ है, उसे लोन न चुकाने पर जेल नहीं हो सकती।

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