बैंक में सोना रखने पर कितना ब्याज मिलता है?

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बैंक में सोना रखने पर कितना ब्याज मिलता है : अब आया है कमाई करने का सुनहरा मौका। क्या आप जानते है की देश के कुछ बैंकों (जैसे की : स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया) में गोल्ड डिपाजिट स्कीम के तहत सोना रखने से मिलता है ब्याज। घर पर सोना रखने से उसकी ब्याज तो आपको नहीं मिलेगी, ऊपर से उस सोने का रखवाली भी करना पड़ता है।

दूसरी तरफ कुछ लोग सोना बैंक के लॉकर में रख देते है, इससे भी कुछ रिटर्न नहीं मिलता है, सिर्फ सोना सुरक्षित रहता है।

तो दोस्तों अभी आपके लिए SBI की तरफ से एक अच्छी खबर है की SBI ने एक ऐसा गोल्ड डिपाजिट स्कीम लाया है जिससे आपकी सोने पर आपको ब्याज भी मिलेगा। तो आइए इस लेख को पूरा पढ़ते है और जानते है की बैंक में सोना रखने पर कितना ब्याज मिलता है।  

भारतीय स्टेट बैंक की गोल्ड डिपॉजिट स्कीम क्या है?

गोल्ड डिपॉजिट योजना सोने में सावधि जमा की प्रकृति में है। ग्राहक अपने घर में पड़े हुए सोने को इस स्कीम के तहत जमा कर सकते हैं और बैंक उन्हें सुरक्षा, ब्याज आय, कर लाभ और बहुत कुछ प्रदान करेगा। SBI की गोल्ड डिपॉजिट स्कीम को तीन भागों में बांटा गया है :

  1. शार्ट टर्म गवर्नमेंट डिपॉजिट,
  2. मीडियम टर्म गवर्नमेंट डिपॉजिट और
  3. लॉन्ग टर्म गवर्नमेंट डिपॉजिट

बैंक में सोना रखने पर कितना ब्याज मिलता है?

जैसा कि हमने पहले बताया, भारतीय स्टेट बैंक ने गोल्ड डिपॉजिट स्कीम को तीन भागों में बांटा है, इसलिए ब्याज दर भी अलग होगी। नीचे हमने सभी भागों की ब्याज दर के बारे में विस्तार से बताया है।

  • यदि आप सोना शॉर्ट टर्म पर रखते है तो आपके सोने पर 0.55-0.60% के हिसाब से ब्याज मिलेगा। 1 साल के लिए सोना रखने पर आपको 0.50% ब्याज मिलेगा। 1 वर्ष से अधिक और 2 वर्षों तक सोना रखने पर प्रतिवर्ष 0.55% और 2 वर्षों से अधिक और 2 वर्षों तक सोना रखने पर प्रतिवर्ष 0.60% ब्याज मिलेगा। 
  • शॉर्ट टर्म से मीडियम टर्म पर अधिक ब्याज मिलता है, और हमारे हिसाब से सोना रखने के लिए मीडियम टर्म सबसे बढ़िया है। तो दोस्तों, मीडियम टर्म पर सोना रखने पर आपको 2.25% तक का ब्याज मिल सकता है।
  • और अब सिर्फ एक ही बचा है और वह है लॉन्ग टर्म डिपाजिट। सोने को लॉन्ग टर्म डिपाजिट पर रखने से आपकी सोने पर 2.50% तक ब्याज मिलता है।     

बैंक में सोना रखने के क्या फायदे हैं?

  1. सबसे पहले तो बैंक में सोना रखना सुरक्षित है।
  2. गोल्ड डिपॉजिट स्कीम के तहत अपने घर का सोना या बैंक लॉकर का सोना,  बैंक में रखने से आपको हर साल सोने की कीमत के हिसाब से ब्याज मिलेगा।

बैंक में सोना रखने पर ब्याज के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?

इसके लिए आपको अधिक दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं पड़ती है। बहुत ही कम दस्ताबेजों के साथ आप इस योजना का लाभ उठा सकते है। नीचे हमने सभी आवश्यक दस्ताबेजों के बारे में बताया है : 

  • पहचान पत्र
  • पता प्रमाण
  • पैन कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो

भारतीय स्टेट बैंक की गोल्ड डिपॉजिट स्कीम की विशेषताएं क्या है?

  • इस गोल्ड डिपाजिट स्कीम का नाम है रिवैम्प्ड गोल्ड डिपॉजिट स्कीम। भारतीय स्टेट बैंक की रिवैम्प्ड गोल्ड डिपॉजिट स्कीम (R-GDS) के तहत सोने को बैंक में रखकर ब्याज अर्जित किया जाता है।
  • इस योजना के तहत बैंक में सोना रखने के लिए आपके पास कम से कम 30 ग्राम होना चाहिए। 
  • सोने की कोई अधिकतम निवेश सीमा नहीं है।
  • इस योजना के तहत 995 शुद्धता वाला सोना बैंक में रखा जाता है।
  • शॉर्ट टर्म पर आप 1 से 3 साल के लिए सोना जमा कर सकते है। मीडियम टर्म पर 5 से 7 साल और लॉन्ग टर्म पर 12 से 15 साल के लिए बैंक में सोना जमा कर सकते है।
  • इस योजना के तहत बैंक में सोना रखने से कम से कम 1 साल का लॉक-इन पीरियड रहता है।
  • गोल्ड डिपॉजिट स्कीम की सभी टर्म में मैच्योरिटी अवधि से पहले योजना ब्रेक करने पर ब्याज दर पर जुर्माना लगाया जाता है।
  • सोने की मैच्योरिटी पूरा होने के बाद, ग्राहक सोने के साथ आपने ब्याज ले सकता है। यदि ग्राहक चाहे तो सोने की तत्कालिक कीमत के हिसाब से पैसा भी ले सकता है।
  • इस योजना के तहत फिलहाल सोने की डिपॉजिट केवल स्टेट बैंक की कुछ चुनिंदा शाखाओं में चालू हुआ है।
  • जरूरत पड़ने पर इस सोने की डिपॉजिट के आधार पर लोन भी लिया जा सकता है।
  • इस योजना के तहत जमा किए गए सोने पर भी आपको प्रॉपर्टी टैक्स नहीं देना होता है।
  • यदि आप इस योजना से संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो इसे पढ़े : SBI गोल्ड डिपाजिट स्कीम। 

बैंक में सोना रखकर ब्याज का लाभ कौन उठा सकता है?

भारतीय इंडिविजुअल पर्सन, प्रोपराइटरशिप और पार्टनरशिप फर्म, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF), सेबी के साथ पंजीकृत म्यूचुअल फंड / एक्सचेंज ट्रेडेड फंड इस जैसे ट्रस्ट और कंपनियां योजना के तहत निवेश कर सकते हैं।

गोल्ड डिपॉजिट योजना की मदद से गोल्ड डिपॉजिट कैसे करे या बैंक में सोना कैसे रखा जाता है?

आप बैंक (भारतीय स्टेट बैंक) में जा सकते हैं और अपना सोना जमा कर सकते हैं। बैंक आपके सोने की शुद्धता और कीमत का आकलन करेंगे। इसके बाद बैंक आपके नाम पर गोल्ड डिपॉजिट सर्टिफिकेट जारी करेंगे।

अस्वीकरण : आपने जो सोना बैंक में जमा किया है, उसे पिघलाकर सोने के सिक्के या समान शुद्धता के बार में बदल दिया जा सकता है। तो आपको अपने आभूषण उसी रूप में वापस नहीं मिलेंगे। इस बात का ध्यान जरूर रखे या इस बारे में अधिक जानकारी के लिए बैंक में जाकर बात कर सकते है।

निष्कर्ष

इस योजना का शुरुआत 2015 में भारत सरकार ने किया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह है की भारत के घरों और संस्थानों में रखी हुई सोने को बाहर लाना और उसका बेहतर उपयोग करना।

में आप सभी को बताना चाहूंगा की रिपोर्ट के मुताबिक देश के सबसे बड़े बैंक SBI ने 2020 तक इस योजना के तहत 13,212 किलोग्राम सोना एकत्रित किया था। इसका मतलब की सरकार का इस योजना का उद्देश्य में काफी सफलता मिली है।

दोस्तों अगर आपको इस लेख से पूरी जानकारी मिली है तो हमें कमेंट जरूर करें। आपकी कमेंट हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हमें आपकी अच्छी कमेंट से प्रेरणा मिलती है और हमारे पास जो भी फाइनेंसियल ज्ञान है उसे आपके साथ साझा करना अच्छा लगता है। अभी भी आपके मन में यदि कोई भी इससे संबधित सवाल है तो हमे पूछ सकते है, हम जल्द से जल्द आपकी प्रश्न का उत्तर देंगे। 

FAQ – सवाल जवाब

Q. क्या हम सोना को fd . के रूप में रख सकते हैं?

हां, आप भारतीय स्टेट बैंक या जिस बैंक में सोना फिक्स्ड डिपॉज़िट के रूप में लेता हो, उस बैंक में आसानी से सोना fd . के रूप में रख सकते हैं।  

Q. बैंक में सोना स्टोर करने में कितना खर्च आता है?

बैंक लॉकर आकार और क्षेत्र : शहरी, ग्रामीण या मेट्रो पर निर्भर करते हैं। लॉकर लेने पर ओने एकमुश्त लॉकर पंजीकरण जीएसटी भी देनी होती है। एकमुश्त लॉकर पंजीकरण में 500 से 1000 रूपए तक लग सकता है। लॉकर लेने पर सालाना आपको कम से कम 1500 और अधिकतम 9000 रूपए तक देना पड़ सकता है।      

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